मुंह का कैंसर: पान मसाला और गुटखा में मौजूद कैंसरकारक केमिकल्स (कार्सिनोजेन्स) मुंह, गले और जीभ म…
मुंह का कैंसर: पान मसाला और गुटखा में मौजूद कैंसरकारक केमिकल्स (कार्सिनोजेन्स) मुंह, गले और जीभ में कैंसर का बड़ा कारण बन जाते हैं।
ल्यूकोप्लाकिया और घाव: इनके सेवन से मुंह के अंदर सफेद या लाल दाग, घाव व ओरल टिश्यू में चोट के चांस बढ़ जाते हैं, जिसे ल्यूकोप्लाकिया कहते हैं। ये भविष्य में कैंसर का कारण बन सकते हैं।
मसूड़ों और दांतों की समस्या: गुटखा व पान मसाला दांतों को पीला, कमजोर और मसूड़ों को संक्रमित कर सकते हैं, जिससे समय के साथ दांत गिरना और पायरिया जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
मुंह खुलने में दिक्कत: लंबे समय तक सेवन से जबड़ा जाम (ओरल सबम्यूकोस फाइब्रोसिस) हो सकता है जिससे मुंह ठीक से नहीं खुलता।
मुंह की दुर्गंध और छाले: लगातार सेवन से मुंह से बदबू आना, छाले और अल्सर जैसी परेशानियाँ भी आम हैं।
सावधानी: स्वस्थ जीवन के लिए पान, पान मसाला, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन रोकें और दूसरों को भी जागरूक करें। किसी भी परेशानी या लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
स्वस्थ मुंह, स्वस्थ जीवन!