फ्लॉसिंग क्यों जरूरी है?
1)दांतों के बीच की सफाई: ब्रश दांतों की सतह तो साफ करता है, लेकिन दांतों के बीच की जगहों तक ब्रश नहीं पहुंच पाता। फ्लॉसिंग से ये जगहें अच्छी तरह साफ होती हैं। 2)प्लाक और बैक्टीरिया हटाना: दांतों के बीच जमा प्लाक और बैक्टीरिया को हटाकर फ्लॉसिंग मसूड़ों की सूजन और दांतों की सड़न को रोकती है। 3)मसूड़ों की सेहत: फ्लॉसिंग से मसूड़ों में सूजन, खून आना और संक्रमण की संभावना कम होती है। 4)सांसों की ताजगी: फ्लॉसिंग से मुँह की बदबू भी कम होती है क्योंकि यह दांतों के बीच फंसे खाद्य कणों को निकालती है।
फ्लॉसिंग की आदत कैसे डालें?
*रोजाना रात में ब्रश करने के बाद फ्लॉस करें। *फ्लॉस को धीरे-धीरे दांतों के बीच डालें और ऊपर-नीचे की हल्की गति से साफ करें। *ज्यादा जोर न लगाएं ताकि मसूड़े चोटिल न हों।
निष्कर्ष
रात में ब्रश के बाद फ्लॉसिंग की आदत आपके दांतों को स्वस्थ, मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ बनाती है। यह सिर्फ 2 मिनट का काम है, लेकिन आपके मुस्कान की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।